आज के डिजिटल युग में ऑनलाइन फ्रॉड के तरीके और इनसे बचाव के टिप्स

 आज के डिजिटल युग में ऑनलाइन फ्रॉड के तरीके और इनसे बचाव के टिप्स

भारत में ऑनलाइन फ्रॉड के तरीके और इनसे बचाव के टिप्स

आज के डिजिटल युग में, जैसे-जैसे इंटरनेट का उपयोग बढ़ा है, वैसे ही ऑनलाइन फ्रॉड के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। साइबर अपराधी नई-नई तकनीकों का उपयोग कर लोगों को धोखा देने के कई तरीके अपनाते हैं। इसलिए, यह आवश्यक है कि हम सतर्क रहें और ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के तरीकों को जानें। इस लेख में, हम आपको ऑनलाइन फ्रॉड के सामान्य तरीकों और इनसे बचने के कुछ उपयोगी टिप्स बताएंगे।

ऑनलाइन फ्रॉड के सामान्य तरीके:

  1. डिजिटल अरेस्ट(Digital Arrest): डिजिटल अरेस्ट एक नया साइबर धोखाधड़ी का तरीका है जिसमें अपराधी नकली पुलिस अधिकारी बनकर वीडियो कॉल के माध्यम से लोगों को डराकर ठगी करते हैं। वे दावा करते हैं कि सामने वाले व्यक्ति का नाम किसी आपराधिक गतिविधि, जैसे नशीले पदार्थों की तस्करी या अन्य अपराध में शामिल है, और उसे जेल जाने से बचाने के लिए उन्हें रिश्वत देनी होगी। इस प्रकार, लोग डर के मारे पैसे ट्रांसफर कर देते हैं।यह फ्रॉड तकनीक तेजी से बढ़ रही है, खासकर दिल्ली-एनसीआर जैसे क्षेत्रों में। अपराधी टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए नकली वीडियो कॉल्स करते हैं, जिसमें नकली पुलिस अधिकारी दिखाई देता है। लोग इन कॉल्स के झांसे में आकर अपनी निजी जानकारी और पैसे गंवा बैठते हैं।

    इससे बचने के लिए हमेशा किसी भी अज्ञात वीडियो कॉल पर सतर्क रहें, किसी भी तरह की मांग या डराने वाली बातों पर तुरंत प्रतिक्रिया न दें, और अपनी निजी जानकारी साझा न करें।

    साइबर क्राइम की सूचना पुलिस या साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दी जा सकती है।

  2. फिशिंग (Phishing): फिशिंग धोखाधड़ी का एक आम तरीका है जिसमें अपराधी नकली ईमेल या वेबसाइट के जरिए आपकी व्यक्तिगत जानकारी (जैसे बैंक डिटेल्स, पासवर्ड आदि) चुराते हैं। वे आपको आधिकारिक संस्थानों के नाम से ईमेल भेजते हैं और आपको अपनी जानकारी दर्ज करने के लिए एक लिंक पर क्लिक करने के लिए कहते हैं।
  3. विज्ञापन धोखाधड़ी (Ad Scams): अक्सर आपको वेबसाइटों पर आकर्षक विज्ञापन दिखाई देते हैं जो आपको किसी शानदार डील या ऑफर का लालच देते हैं। इन विज्ञापनों पर क्लिक करने पर आपको नकली वेबसाइट पर भेजा जा सकता है, जहां आपसे आपकी बैंक डिटेल्स या अन्य जानकारी मांगी जाती है।
  4. लॉटरी और इनाम धोखाधड़ी (Lottery Scams): इस प्रकार की धोखाधड़ी में आपको एक ईमेल या मैसेज मिलता है जिसमें कहा जाता है कि आपने लॉटरी या इनाम जीता है। इसके लिए आपको पहले कुछ फीस जमा करने के लिए कहा जाता है। असल में, यह एक धोखा होता है और आपका पैसा खो सकता है।
  5. फर्जी पेमेंट ऐप्स (Fake Payment Apps): कुछ अपराधी नकली पेमेंट ऐप्स बनाकर लोगों को धोखा देते हैं। लोग इन ऐप्स के जरिए पैसे भेजने की कोशिश करते हैं, लेकिन अंत में उनका पैसा अपराधियों के खाते में चला जाता है।
  6. सोशल इंजीनियरिंग (Social Engineering): इसमें अपराधी फोन या सोशल मीडिया के जरिए लोगों से संपर्क करते हैं और खुद को बैंक अधिकारी या सरकारी अधिकारी बताकर उनकी संवेदनशील जानकारी चुराने की कोशिश करते हैं।

ऑनलाइन फ्रॉड से बचाव के टिप्स:

  1. असली वेबसाइट और ईमेल की पहचान करें: हमेशा वेबसाइट का URL ध्यान से चेक करें। असली वेबसाइट्स HTTPS से शुरू होती हैं। किसी भी अनजान ईमेल या लिंक पर क्लिक करने से पहले उसे सावधानी से जांचें।
  2. मजबूत पासवर्ड का उपयोग करें: हमेशा मजबूत और अनोखे पासवर्ड का उपयोग करें। हर अकाउंट के लिए अलग-अलग पासवर्ड रखें और नियमित रूप से उन्हें बदलते रहें।
  3. टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन (2FA) का इस्तेमाल करें: जहां संभव हो, टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन का इस्तेमाल करें। इससे आपकी सुरक्षा दोगुनी हो जाती है और कोई आपकी जानकारी चुराने में असमर्थ होता है।
  4. सुरक्षित पेमेंट ऐप्स और वेबसाइट्स का उपयोग करें: केवल आधिकारिक और विश्वसनीय पेमेंट ऐप्स का ही उपयोग करें। यदि किसी अनजान व्यक्ति से पैसे भेजने या प्राप्त करने की बात हो, तो पहले उसकी पहचान की पुष्टि करें।
  5. एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर का उपयोग करें: अपने कंप्यूटर और मोबाइल फोन में हमेशा अपडेटेड एंटी-वायरस सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करें। यह आपको मालवेयर और वायरस से बचाएगा।
  6. धोखाधड़ी की रिपोर्ट करें: अगर आपको किसी धोखाधड़ी का शिकार होने का संदेह है, तो तुरंत अपने बैंक और साइबर क्राइम सेल में इसकी रिपोर्ट करें।

ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचने के लिए जागरूकता और सतर्कता सबसे बड़ा हथियार है। इंटरनेट का सुरक्षित उपयोग करना हमारी जिम्मेदारी है। अगर आप ऊपर दिए गए टिप्स का पालन करेंगे, तो आप ऑनलाइन फ्रॉड से बच सकते हैं और अपने डिजिटल जीवन को सुरक्षित बना सकते हैं।

 

 

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